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Students will connect the locks of Aligarh and perfume of Kannauj with technology and management | अलीगढ़ के ताले और कन्नौज के इत्र को तकनीक व प्रबंधन से जोड़ेंगे छात्र



लखनऊ, 20 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) को प्रदेश के तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों के छात्र-छात्रा नई दिशा देंगे।

ओडीओपी के तहत अलीगढ़ के तालों को कैसे तकनीक से जोड़ कर और बेहतर बनाया जाए, या फिर कन्नौज के इत्र और भदोही के कालीन की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रबंधन में क्या नयापन हो, इसके सुझाव अब छात्र-छात्रा देंगे।

ओडीओपी से विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार सूक्ष्म मध्यम एवं लघु उद्योग विभाग ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के साथ मिल कर नवंबर के अंत में हैकाथन का आयोजन करेगा। इसमें ओडीओपी पर विद्यार्थियों से सुझाव लिए जाएंगे। इसमें 250 से अधिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं के शामिल होने की उम्मीद है।

एक जनपद- एक उत्पाद उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इनमें से तमाम ऐसे उत्पाद हैं जो अपनी पहचान खो रहे थे। तकनीक एवं प्रबंधन के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत इन उत्पादों को नई पहचान दिलाने का काम कर रही है।

एमएसएमई से समझौते के बाद एकेटीयू पूरे प्रदेश के 250 से अधिक तकनीकी व प्रबंधन संस्थानों के छात्रों के लिए हैकाथन का आयोजन करेगा। इसमें बीटेक के छात्र-छात्राएं ओडीओपी योजना से जुड़े उत्पादों को कैसे तकनीक से जोड़कर बेहतर बनाया जाए, जिससे यह उत्पाद अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना सके। वहीं, विश्वविद्यालय से जुड़े प्रबंधन संस्थानों के छात्र उत्पादों के बेहतर प्रबंधन के सुझाव देंगे।

एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक बताते हैं कि छात्रों के इनोवेटिव आइडिया से उत्पादों को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ प्रधानमंत्री का आत्मनिर्भर भारत का सपना भी साकार होगा।

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बने नोडल सेंटर

हैकाथन आयोजित करने के लिए यूपी के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों को नोडल सेंटर बनाया गया है। इसमें कन्नौज स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अपने आसपास जिलों के संस्थानों के छात्रों का पंजीकरण करेगा। इन संस्थानों के छात्र कन्नौज के इत्र, एटा का घुंघरू, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी आदि उत्पादों को बढ़ावा देने का काम करेंगे। इसी तरह दूसरे जिलों के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज नोडल सेंटर बनकर अपने व आसपास के जिलों के उत्पादों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

विकेटी-एसकेपी



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