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India walks out of SCO meet after Pakistani representative projects ‘fictitious map’ | PAK की दुनिया को भ्रम में डालने की कोशिश, SCO मीटिंग में काल्पनिक नक्शा पेश किया, भारत ने विरोध में छोड़ी मीटिंग



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की एक बैठक में पाकिस्तान ने एक काल्पनिक नक्शा पेश किया। पाकिस्तान के इस नए झूठ को प्रसारित करने की कोशिश के बाद भारतीय पक्ष के एनएसए अजीत डोभाल ने मीटिंग छोड़ दी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बैठक में जानबूझकर एक काल्पनिक नक्शा पेश किया।

क्या कहा था इमरान खान ने?
बता दें कि पाकिस्तान की इमरान सरकार ने बीते माह एक नया नक्शा जारी करते हुए लद्दाख, सियाचीन और गुजरात के जूनागढ़ को पाकिस्तान का हिस्सा बताया था। पाकिस्तान तब से लगातार इस नक्शे को प्रचारित कर रहा है। नए नक्शे को जारी करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे पाकिस्तान के इतिहास में सबसे ऐतिहासिक दिन करार दिया था। इमरान खान ने कहा छा, ‘इतिहास में आज सबसे महत्वपूर्ण दिन है कि हम दुनिया के सामने पाकिस्तान का नया पॉलिटिकल मैप पेश कर रहे हैं।’ इमरान खान ने कहा था, ‘नए नक्शे का इस्तेमाल अब स्कूल और कॉलेजों में भी किया जाएगा।’ 

क्या कहा था शाह महमूद कुरैशी ने?
विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने नए नक्शे में किए गए बदलावों के बारे में बताते हुए कहा था कि यह पाकिस्तान के लोगों की इच्छा और आकांक्षाओं को दर्शाता है। कुरैशी ने देश के नक्शे के लिए सरकार को बधाई दी थी, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान के साथ-साथ भारत के कंट्रोल वाले जम्मू-कश्मीर को भी शामिल किया गया है। कुरैशी ने कहा था, विवादित क्षेत्र के भविष्य को निर्धारित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में कश्मीर क्षेत्र में जनमत संग्रह होना चाहिए। हम मानते हैं कि पूरा कश्मीर क्षेत्र विवादित है और इसके समाधान की आवश्यकता है।

क्या कहा था भारत ने?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘हमने पाकिस्तान के एक कथित राजनीतिक नक्‍शे को देखा है जिसे वहां के पीएम इमरान खान ने जारी किया है। गुजरात के सर क्रीक और जम्मू कश्मीर-लद्दाख पर दावा निराधार है। इन दावों की न तो कानूनी वैधता है और न ही अंतर्राष्ट्रीय विश्वसनीयता। वास्तव में यह नया प्रयास सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के पाकिस्तान के जुनून की हकीकत को ही बयान करता है।



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